सूरह इख़लास हिंदी में पढ़ना और इसके मानी समझना तौहीद (अल्लाह की यकताई) का सबसे मुकम्मल पैग़ाम है। सूरह इख़लास क़ुरआन मजीद की 112वीं सूरह है, जिसमें सिर्फ़ 4 आयतें हैं। हदीस शरीफ़ में आया है कि सूरह इख़लास का सवाब एक तिहाई क़ुरआन (1/3rd Quran) के बराबर है। यानी तीन मर्तबा सूरह इख़लास पढ़ने वाले को पूरे क़ुरआन मजीद की तिलावत का सवाब अता किया जाता है। सुन्नी हनफ़ी शरीअत और कन्ज़ुल ईमान की रोशनी में यहाँ सूरह इख़लास का अरबी मतन, हिंदी उच्चारण, तर्जुमा और फ़ज़ीलत पेश है।
📚 हवाला: सहीह बुख़ारी, किताबु फ़ज़ाइलिल क़ुरआन, हदीस: 5015
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सूरह इख़लास का अरबी मतन
بِسْمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِیْمِ
قُلْ هُوَ اللّٰهُ اَحَدٌ ۚ۱ اَللّٰهُ الصَّمَدُ ۚ۲ لَمْ یَلِدْ ۬ وَلَمْ یُوْلَدْ ۙ۳ وَلَمْ یَکُنْ لَّهٗ کُفُوًا اَحَدٌ ۴
📖 हवाला: क़ुरआन मजीद, सूरह अल-इख़लास (112), आयात: 1–4
सूरह इख़लास का हिंदी उच्चारण (Transliteration)
- क़ुल हुवल्लाहु अहद
- अल्लाहुस समद
- लम यलिद वलम यूलद
- वलम यकुल लहू कुफ़ुवन अहद
सूरह इख़लास का हिंदी तर्जुमा (कन्ज़ुल ईमान)
कन्ज़ुल ईमान तर्जुमा:
1. तुम फ़रमाओ: वह अल्लाह है जो एक है।
2. अल्लाह बे-नियाज़ है (सब उसकी ज़रूरत रखते हैं, वह किसी का मोहताज नहीं)।
3. न उसकी कोई औलाद है और न वह किसी से पैदा हुआ।
4. और न कोई उसके बराबर का है।📖 हवाला: कन्ज़ुल ईमान, सूरह अल-इख़लास
सूरह इख़लास की अज़ीम फ़ज़ीलत व फ़ायदे
- जन्नत में महल: हदीस शरीफ़ में आया है कि जो शख़्स 10 मर्तबा सूरह इख़लास पढ़ता है, अल्लाह तआला उसके लिए जन्नत में एक महल तैयार फ़रमाता है। (हवाला: मुसनद अहमद, हदीस: 15612)।
- अल्लाह की मुहब्बत: एक सहाबी हर नमाज़ की हर रकअत में सूरह इख़लास ज़रूर पढ़ते थे। जब हुज़ूर ने वजह पूछी तो उन्होंने कहा: “मुझे इस सूरह से मुहब्बत है क्योंकि इसमें रहमान की सिफ़त का बयान है।” हुज़ूर ने फ़रमाया: “तुम्हारी इस सूरह की मुहब्बत तुम्हें जन्नत में दाख़िल करेगी।” (हवाला: सहीह बुख़ारी, हदीस: 774)।
- सोते वक़्त सुरक्षा (मुअव्वज़तैन के साथ): रात को सोते वक़्त सूरह इख़लास, सूरह फ़लक़ और सूरह नास पढ़कर हथेलियों पर दम करके पूरे बदन पर फेरना हुज़ूर की सुन्नत है।
नमाज़ के तरीक़े के लिए नमाज़ का सही तरीक़ा हिंदी में, और आयतल कुर्सी हिंदी में ज़रूर पढ़ें।
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