आयतल कुर्सी (Ayatul Kursi in Hindi, Arabic, English): क़ुरआन मजीद की सबसे अज़ीम और बा-बरकत आयत सूरह अल-बक़रह (सूरह 2, आयत 255) है, जिसे ‘आयतल कुर्सी’ कहा जाता है। हदीस-ए-मुबारका में आता है कि जो शख्स हर फ़र्ज़ नमाज़ के बाद आयतल कुर्सी पढ़ता है, उसके और जन्नत के बीच सिर्फ़ मौत का फ़ासला रह जाता है। इस मुकम्मल गाइड में आयतल कुर्सी का अरबी मतन (Font 400), हिंदी व रोमन उच्चारण, कन्ज़ुल ईमान तर्जुमा, 10 बड़े फ़ज़ाइल और सहीह हदीस के हवाले विस्तार से पढ़ें।
Ayatul Kursi In Arabic English Hindi Gujarati
जिस घर में आयतल कुर्सी ( Ayatul Kursi ) पढ़ी जाए उस घर से शैतान एक माह तक और जादूगर चालीस दिन तक दूर रहते हैं. ( तफ़सीरे कबीर )
.arabic-font,.bismilaah{font-family:Al-Quran}@font-face{font-family:Al-Quran;src:local(“Al Quran”),url(“https://barelvi.in/wp-content/uploads/2023/09/quran-f.otf”)}.bismilaah{font-size:30px;margin-top:-45px;padding-bottom:10px}.bg-qu-img{border:30px solid #ffa50000;border-image:url(https://barelvi.in/wp-content/uploads/2023/09/pngfuel.jpg) 278 round;text-align:justify;background-color:#f5eccc;max-width:auto}.variable_font{font-size:3vw}.cusm-ayat{padding:55px 10px 5px;text-align:center}.action-btn-qu{background:#7e20e3;color:#fff;text-align:center;border-radius:20px;margin:5px;width:auto}.download-icon{margin-right:5px;font-size:18px;color:#fff}@media screen and (max-width:767px){.variable_font{font-size:6vw}}.ar{font-family:Al-Quran;direction:rtl!important;font-size:20px;color:#014504;font-weight:700}Table of Contents
- 1. Ayatul Kursi In Arabic
- 2. Ayatul Kursi Image In Arabic
- 3. आयतल कुर्सी इन हिंदी
- 4. Ayatul Kursi in Hindi
- 5. Ayatul Kursi Image in Hindi
- 6. Ayatul Kursi in Roman English
- 7. Ayatul Kursi in English Translation
- 8. Ayatul Kursi Image in Roman English
- 9. Ayatul Kursi in Gujarati
- 10. Ayatul Kursi Image in Gujarati
- 11. Ayatul Kursi Hindi
- 12. Ayatul Kursi In Audio Mp3 Downloading
- 13. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- 13.1 Q1: हर नमाज़ के बाद आयतल कुर्सी पढ़ने की क्या फ़ज़ीलत है?
- 13.2 Q2: सोते वक़्त आयतल कुर्सी पढ़ने से क्या होता है?
- 13.3 Q3: क्या आयतल कुर्सी पढ़ने से जिन्नात और जादू का असर ख़त्म होता है?
- 14. संबंधित ज़रूरी इस्लामी लेख (Related Guides)
Ayatul Kursi In Arabic
हज़रत नोअमान बिन बशीर रदियल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि हुज़ूर सैय्यिदे आलम सल्लल्लाहो तआला अलैहे वसल्ल ने फ़रमाया अल्लाह तआला ने आसमान और ज़मीन पैदा करने से दो हज़ार साल पहले एक किताब लिखी थी उससे दो आयतें नाज़िल फ़रमाई जिनपर सूरए बक़रह को ख़त्म फ़रमाया. जिस घर में तीन रातें इन आयतों को पढ़ा जाए तो शैतान उसके क़रीब भी नहीं फटक सकता. ( तिरमिज़ी, बुखारी, दारमी वग़ैरह )
Ayatul Kursi Image In Arabic
आयतल कुर्सी इन हिंदी
हज़रत इब्ने अब्बास रदियल्लाहो तआला अन्हमा से रिवायत है कि हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया कि जो कोई जुमरात के दिन ज़ोहर और अस्र के बीच दो रकअत नमाज़ पढ़े, पहली रकअत में सूरए फ़ातिहा के बाद सौ बार आयतल कुसी ( Ayatul Kursi ) पढ़े और दूसरी रकअत में सूरए फ़ातिहा एक बार और सूरए इखलास सौ बार पढ़े और मुझपर सौ बार दरूद भेजे तो अल्लाह तआला उसे रजब, शअबान और रमज़ान के रोज़ों का सवाब देगा और हज्जे बैतुल्लाह का सवाब अता फ़रमाएगा और उसके नामए अअमाल में हर मूमिन की एक एक नेकी लिखेगा. ( सलाते नासिरी )
Ayatul Kursi in Hindi
अल्लाहु ला इलाहा इल्लाहू अल हय्युल क़य्यूम
ला तअ’खुज़ुहू सिनतुव वला नौम
लहू मा फिस सामावाति वमा फ़िल अर्ज़
मन ज़ल लज़ी यश फ़ऊ इन्दहू इल्ला बि इज़निह
यअलमु मा बैना अयदीहिम वमा खल्फहुम
वला युहीतूना बिशय इम मिन इल्मिही इल्ला बिमा शा..अ
वसिअ कुरसिय्यु हुस समावति वल अर्ज़
वला यऊ दुहू हिफ्ज़ुहुमा वहुवल अलिय्युल अज़ीम
Ayatul Kursi Image in Hindi
बुख़ारी ने अपनी तारीख़ में हज़रत अनस रदियल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत की है कि हुज़ूर सल्लल्लाहो तआला अलैहे वसल्ल फ़रमाते हैं कि हमें आयतल कुर्सी अर्श के नीच इनायत फ़रमाई गई. ( दुरे मन्सूर )
Ayatul Kursi in Roman English
Allahu Laaa Ilaaha Illaa Huwal Haiyul Qai-yoom; Laa Taakhuzuhoo Sinatunw Wa Laa Nawm;
Lahoo Maa Fissamaawaati Wa Maa Fil Arz;
Man Zallazee Yashfa’u ‘indahooo Illaa Be Iznih;
Ya’lamu Maa Baina Aideehim Wa Maa Khalfahum;
Wa Laa Yuheetoona Beshai Immin ‘ilmihee Illa Bi Maa Shaaa’;
Wasi’a Kursiyyuhus Samaa Waati Wal Arz;
Wa La Ya’ooduho Hifzuhumaa;
Wa Huwal ‘aliyyul ‘azeem.
Ayatul Kursi in English Translation
Allah Is (worthy Of Worship); There Is No One Worthy Of Worship Except Him. He Is Alive On His Own Accord And The Preserver Of (all) Others. Neither Drowsiness Nor Sleep Overcomes Him, Whatever Is In The Heavens And Whatever Is In The Earth Belongs To Him Alone; Who Is The One Who Can Intercede In His Domain Without His Permission? He Knows Whatever Is In Front Of Them And Whatever Is Behind Them; And They (i.e. People) Do Not Attain From His Knowledge Except As Much As He Wills. The Heavens And The Earth Are Encompassed In His Throne And Their Protection Is Not A Burden For Him. And Only He Is The Supreme, The Great.
Ayatul Kursi Image in Roman English
हज़रत अनस रदियल्लाहो तआला अन्हो की एक और रिवायत है कि आयतल कुर्सी चहारुम कुरआन है. ( मुस्नदे अहमद )
Ayatul Kursi in Gujarati
બિસ્મિલ્લા હિર્રહમા નિર્રહીમ
અલ્લાહુ લા ઈલા-હ ઇલ્લા હૂવલ હય્યુલ કય્યુમ
લા તઅ-ખુઝુહૂ સિ-ન-તુંવ વલા નૌમ
લહૂ મા ફિસ સમાવતી વમા ફિલ અર્દ
મન ઝલ્લઝી યશ્ફઉ ઇન્દહૂ ઇલ્લા બિ-ઇઝ-નિહ
યઅ-લમુ મા બૈ-ન ઐદીહિમ વમા ખલ્ફહુમ
વલા યુહીતૂ-ન બિશૈઇમ મિન ઇલ્મિહી ઇલ્લા બિમા શાઅ
વસિ-અ કુર્સિય્યુ-હુસ સમાવાતિ વલ્-અર્દ
વલા યઊદુહૂ હિફઝુહુમા વહુવલ અલિય્યુલ અઝીમ.
Ayatul Kursi Image in Gujarati
जो कोई सोते वक़्त बिस्तर पर लेट कर आयतल कुर्सी पढ़ ले तो उसका और उसके पड़ोसी का घर चोरी, डकैती और आग लगने ग़रज़ सारी नागहानी मुसीबतों से सुबह तक मेहफ़ूज़ रहेगा. ( तफ़सीरे कबीर )
Ayatul Kursi Hindi
हज़रत अबू हुरैरह रदियल्लाहो तआला अन्हो से रिवायत है कि जनाब रसूले मक़बूल सल्लल्लाहो तआला अलैहे वसल्ल ने इरशाद फ़रमाया जो शख्स सुब्ह के वक्त सूरए हामीम सज्दा इलैहिल मसीर तक और आयतल कुर्सी पढ़ेगा उसकी शाम तक इसके ज़रिये हिफ़ाज़त की जाएगी और जो इन दोनों को शाम के वक्त तिलावत करेगा उसकी इन के ज़रिये सुबह तक हिफ़ाज़त की जाएगी. ( निरमिज़ी, मिश्कात)
Ayatul Kursi In Audio Mp3 Downloading
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: हर नमाज़ के बाद आयतल कुर्सी पढ़ने की क्या फ़ज़ीलत है?
हज़रत अबू उमामा رَضِيَ ٱللَّٰهُ عَنْهُ से रिवायत है कि रसूलुल्लाह ﷺ ने इरशाद फ़रमाया: “जिसने हर फ़र्ज़ नमाज़ के बाद आयतल कुर्सी पढ़ी, उसे जन्नत में दाख़िल होने से सिवाए मौत के कोई चीज़ नहीं रोक सकती।” (सुनन नसाई, हदीस: 9928 व सहीह इब्ने हिब्बान)।
Q2: सोते वक़्त आयतल कुर्सी पढ़ने से क्या होता है?
सहीह बुख़ारी (हदीस: 2311) की मशहूर हदीस के मुताबिक़ जो शख्स रात को बिस्तर पर लेटते वक़्त आयतल कुर्सी पढ़ता है, अल्लाह तआला की तरफ़ से सुबह तक एक फ़रिश्ता उसकी हिफ़ाज़त करता है और कोई शैतान उसके क़रीब नहीं आ सकता।
Q3: क्या आयतल कुर्सी पढ़ने से जिन्नात और जादू का असर ख़त्म होता है?
हाँ, आयतल कुर्सी में अल्लाह की तौहीद, क़ुदरत और अज़मत का मुकम्मल बयान है। इसे पढ़कर दम करने से शैतानी वसवसे, जादू और जिन्नात के शर से मुकम्मल हिफ़ाज़त रहती है।




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