मेहमान नवाज़ी के फायदे

मेहमान नवाज़ी के फायदे

*🏵 मेहमान नवाज़ी के फायदे हदीस पाक से *

*मेहमान नवाज़ी हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की सुन्नत है आप बग़ैर मेहमान के कभी खाना तनावुल नहीं फरमाते थे यहां तक कि अगर कभी कोई ना मिलता तो आप किसी की तलाश में एक दो मील तक सफर कर आते थे कि कोई मिल जाए जिसके साथ आप खाना खायें। मेहमान का आना रहमते खुदावन्दी का आना है और वो अपना रिज़्क़ खुद लेकर आता है इसलिए मेहमान के आने पर खुशी का इज़हार करना चाहिये मेहमान के आने पर नाखुश होना या उसको हिकारत से देखना तंगी और मुफलिसी का बाइस है चंद हदीसे पाक मुलाहज़ा फरमायें।*
*👉हदीसे पाक :- जिस घर में लोगों को खाना खिलाया जाता है भलाई उसकी तरफ कोहान की तरफ जाने वाली छुरी से भी तेज़ दौड़ती है।*
*📚 इब्ने माजा,सफह 204*

*👉हदीसे पाक :- अपने मेहमान की ताज़ीम करो*
*📚 मुस्लिम,जिल्द 1,सफह 50*

*👉हदीसे पाक :- लोगों ने अर्ज़ किया कि या रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम हम खाते हैं मगर हमारा पेट नहीं भरता तो आप सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम फरमाते हैं कि शायद तुम लोग अलग अलग खाते हो। अर्ज़ की हां तो फरमाया कि इकठ्ठा खाया करो और बिस्मिल्लाह शरीफ पढ़कर शुरू करो।*
*📚इब्ने माजा,सफह 236*

*👉फुक़्हा :- उस शख्स में कोई भलाई नहीं जो मेहमान नवाज़ नहीं और जिसके घर मेहमान नहीं आते उसके घर रहमत के फरिश्ते भी नहीं आते..*
*_📚 अहयाउल उलूम,जिल्द 2,सफह 12_*

*👉फुक़्हा मेहमान अपना रिज़्क़ लेकर आता है और घर वालों के गुनाह मिटाकर जाता है*

*📚 फतावा रज़वियह,जिल्द 9,सफह 176*
*_👉फुक़्हा :- बन्दा जो कुछ खुद खाता है या अपने मां-बाप या अहलो अयाल पर खर्च करेगा उसका हिसाब क़यामत के दिन देना होगा मगर जो कुछ अपने दोस्तों पर खर्च करेगा उसका हिसाब नहीं होगा इसलिए मेहमान नवाज़ी बुज़ुर्गाने दीन की खास खसलत रही है*

*📚 अहयाउल उलूम,जिल्द 2,सफह 9*
*📚कीमियाये सआदत,सफह 245*
*👉फुक़्हा :- भूख से कम खाना सुन्नत है और पेट भरकर खा लेना मुबाह यानि जायज़ है मगर भूख से ज़्यादा खा लेना कि मेदा या हाज़मा खराब हो जाये हराम है मगर मेहमान का साथ देने के लिए ज़्यादा खा लेने की इजाज़त है*

*📚 दुर्रे मुख़्तार,जिल्द 5,सफह 235*
*📚 फिक़्ही पहेलियां,सफह 247*

*=====================*

*👉फुक़्हा :- जब मेहमान आये तो उसकी ताज़ीम करो और उसे खिलाओ पिलाओ कि ऐसा करने से मौला तआला मेज़बान को जहन्नम से 7 खन्दक़ दूर कर देगा और हर खन्दक़ के दर्मियान 500 साल की मुसाफत होगी*

*📚 अहयाउल उलूम,जिल्द 2,सफह 9*

*अब मेहमान कौन है,कब तक है,क्या खिलाया पिलाया जायेगा,उसके लिए एक हदीस पढ़ लीजिये*

*👉हदीसे पाक :- रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम इरशाद फरमाते हैं कि मेहमानी 3 दिन तक है और बेहतरीन पकवान 1 दिन और रात तक उसके बाद जो पकाये वो खिलाये और मेहमान के लिए ये हलाल नहीं कि इतने दिनों तक ठहरा रहे कि मेज़बान को परेशान कर डाले*

*📚 तिर्मिज़ी,जिल्द 2,सफह 18*

*यानि मेहमान के लिए ये जायज़ नहीं कि 3 दिन से ज़्यादा किसी के घर ठहरे क्योंकि 3 दिन तक वो जो खायेगा उसका हक़ होगा मगर 3 दिन के बाद उसका कोई हक़ नहीं हां अगर मेज़बान खुद 3 दिन के बाद भी मेहमान को रोकता है तो रोक सकता है और अब जो भी खिलायेगा वो सदक़-ए नाफिला में शुमार होगा


सभी लोगों से गुजारिश है हमारे इस पेज को जरूर LIKE कर लें, fb.me/barelvipower
जिससे आपको प्रतिदिन इस्लामिक मैसेज मिल सके..
दोस्तो मैसेज को अपने पास ही ना रखें बल्के अपने कोनटेक्ट में सबको शेयर करें और सवाब के हक़दार बनें,#BARELVIPOWER

How useful was this post?

Click on a star to rate it!

Average rating / 5. Vote count:

No votes so far! Be the first to rate this post.

We are sorry that this post was not useful for you!

Let us improve this post!

Tell us how we can improve this post?

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top